HDFC Bank Merger: दो बड़ी भारतीय कंपनियाँ साथ, बाज़ार में ज़बरदस्त बदलाव संभव

HDFC Bank Merger: दो बड़ी भारतीय कंपनियाँ साथ, बाज़ार में ज़बरदस्त बदलाव संभव

देश की सबसे बड़ी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी एचडीएफसी लिमिटेड (HDFC LTD) और देश का दूसरा सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक, एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) अब एक होने जा रहे हैं. सोमवार को ही इस मर्जर को मंजूरी दी गई है. जिससे एचडीएफसी लिमिटेड अब एचडीएफसी बैंक में 41% हिस्सेदार होगा. इस मर्जर से बाज़ार में एक बड़ा बदलाव आने की संभावना भी जतायी जा रही है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि एचडीएफसी लिमिटेड और एचडीएफसी बैंक का यह मर्जर 2024 तक पूरा करने की योजना बनाई गई है. एचडीएफसी लिमिटेड के चेयरपर्सन दीपक पारेख के मुताबिक, "पिछले तीन वर्षों में रेगुलेटरी परिवर्तनों ने मर्जर के लिए बाधाओं को कम किया है. "गौरतलब है, कि इस खबर के फैलते ही स्टॉक मार्केट में दोनों के स्टॉकस ने भी तेजी पकड़ ली. इसी के साथ, इस समय एचडीएफसी लिमिटेड और एचडीएफसी बैंक दोनों के स्टॉक टॉप पर चल रहे हैं. आइए, इस मर्जर के होने से जुड़ी कुछ ज़रूरी बातें जान लेते हैं:

  1. एचडीएफसी लिमिटेड के सीईओ केकी मिस्त्री के मुताबिक, "इस मर्जर के बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सात प्रतिशत अधिक बढ़ने की संभावनाएं दिखती हैं." उन्होंने यह भी कहा, कि "मर्जर होने के बाद विदेशी हिस्सेदारी में भी 7-8 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है".

  2. इस मर्जर के बाद, शेयरधारकों को एचडीएफसी लिमिटेड के 2 रुपए प्रति शेयर की फेस वैल्यू वाले 25 शेयरों के बदले में, एचडीएफसी बैंक के 1 रुपए प्रति शेयर की फेस वैल्यू वाले 42 शेयर मिलेंगे.

  3. वर्तमान में एचडीएफसी बैंक, एचडीएफसी लिमिटेड के होम लोन बेचता है और शुल्क कमाता है. बैंक का कहना है, "प्रस्तावित लेनदेन एचडीएफसी बैंक को अपने आवास ऋण पोर्टफोलियो का निर्माण करने और अपने मौजूदा ग्राहक आधार को बढ़ाने में सक्षम बनाएगा".

  4. मर्जर का समय आने तक दोनों ही यूनिट्स पहले की तरह सामान्य तौर पर अलग-अलग कार्य करेंगी. इसके साथ ही, इस मर्जर का कोई भी असर एचडीएफसी लिमिटेड के कर्मचारियों पर नहीं पड़ने वाला है.

  5. एक्सचेंज फाइलिंग में एचडीएफसी के मुताबिक, "एचडीएफसी लिमिटेड और एचडीएफसी बैंक के बोर्ड का मानना ​​है, कि मर्जर डील से ग्राहकों, कर्मचारियों और दोनों संस्थाओं के शेयरधारकों सहित सभी हितधारकों को लम्बे समय तक लाभ मिलेगा".

    आपको बता दें, एचडीएफसी लिमिटेड और एचडीएफसी बैंक मर्जर से 25.61 लाख करोड़ रुपये की एक बड़ी बैलेंस शीट तैयार होगी, जो अब 45.34 लाख करोड़ रुपये के साथ देश के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक के करीब है. एचडीएफसी बैंक पहले से ही देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक था. एचडीएफसी बैंक के मुताबिक, "मर्जर होकर बनी बैंकिंग इकाई को एक बड़ी बैलेंस शीट और नेट वर्थ से लाभ होगा, जो कि बड़े टिकट लोन की अंडर-राइटिंग की अनुमति देगा. इसके साथ ही, भारतीय अर्थव्यवस्था में अधिक क्रेडिट का आना भी मुमकिन होगा".

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