Cryptocurrency News: भारत में भविष्य और सरकार का रुख

The photo shows physical imitations of cryptocurrency in Dortmund, western Germany, on January 27, 2020. (Photo by INA FASSBENDER / AFP) (Photo by INA FASSBENDER/AFP via Getty Images)
The photo shows physical imitations of cryptocurrency in Dortmund, western Germany, on January 27, 2020. (Photo by INA FASSBENDER / AFP) (Photo by INA FASSBENDER/AFP via Getty Images)

भारत में Cryptocurrency तेजी से अपने पैर पसार रही है. लेकिन इस तेज रफ्तार बढ़ोतरी के बावजूद, निवेशकों के मन में अभी भी भारत में Cryptocurrency के भविष्य को लेकर संशय है. नवंबर 2021 में भारत सरकार द्वारा संसद के शीत सत्र में इंडियन क्रिप्टोकरेंसी बिल पेश करने की योजना बनाई जा रही थी. सभी निवेशक इस क्रिप्टोकरेंसी बिल को भारत में Cryptocurrency के भविष्य से जोड़कर देख रहे थे. लेकिन संसद के शीत सत्र में क्रिप्टोकरेंसी बिल पर कोई चर्चा नहीं हुई और इस बिल को पेश करने की तारीख आगे बढ़ा दी गई.

सरकार का रुख

इसके बाद उम्मीद की जा रही थी, कि संसद के बजट सत्र में क्रिप्टोकरेंसी बिल को पेश किया जा सकता है. लेकिन अब इन अटकलों पर विराम लगता हुआ नजर आ रहा है, क्योंकि, विभिन्न मीडिया हाउस का दावा है, कि इस बजट सत्र में भी क्रिप्टोकरेंसी बिल पेश होने की आशंका बेहद कम रहने वाली है. दावा किया जा रहा है, कि सरकार क्रिप्टोकरेंसी बिल को संसद में पेश करने से पहले उसकी एक दफा फिर से समीक्षा करना चाहती है. सरकार की कोशिश है, कि इस बिल को संसद में पेश करने से पहले इसमें क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े सभी आयामों को समाहित कर लिया जाए.

हालांकि, क्रिप्टो निवेशकों के लिए एक अच्छी खबर यह है, कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद क्रिप्टोकरेंसी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. Cryptocurrency का मुद्दा प्रधानमंत्री की नजरों में है, इसका सबूत तब मिला जब दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनामिक फोरम की बैठक में उन्होंने दुनियाभर के देशों से क्रिप्टोकरेंसी को लेकर साथ मिलकर कदम उठाने की अपील की थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं, कि दुनियाभर के देश क्रिप्टोकरेंसी के नियम और कानूनों को तैयार करने के लिए एक दूसरे का सहयोग करें.

भारत में भविष्य

इन सब शंकाओं के बावजूद, भारत में क्रिप्टो निवेशकों की संख्या बढ़ती जा रही है. इसी का नतीजा है, कि अब देश में डिजिटल करेंसी की ट्रेडिंग के लिए अलग-अलग प्लेटफार्म उभर कर आ रहे हैं. जिस प्रकार से भारत की युवा आबादी Cryptocurrency में निवेश करने के लिए उत्साहित नजर आ रही है, उससे तो यही लगता है, कि भारत में क्रिप्टोकरेंसी अपने लिए सुनहरा भविष्य बना सकती है. Bitcoin, Ethereum, Dogecoin जैसी डिजिटल करेंसी की भारतीय निवेशकों की बीच अच्छी खासी मांग है.

Cryptocurrency और भारत में उसके सुनहरे भविष्य के बीच इस समय केवल सरकार द्वारा पेश किया जाने वाला क्रिप्टोकरेंसी बिल कुछ शंकाएं पैदा कर रहा है. हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है, कि सरकार जो Cryptocurrency बिल पेश करने जा रही है, उसका उद्देश्य भारत में क्रिप्टोकरेंसी को बैन करना नहीं है, बल्कि भारत सरकार भी क्रिप्टोकरंसी के तेजी से बढ़ते हुए मार्केट को समझती है और यह भी जानती है, कि यह बाजार कितने ऊंचे स्तर तक पहुंच सकता है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है, कि डिजिटल करेंसी के क्षेत्र में देश के निवेशकों को किसी भी तरीके की धोखाधड़ी, फ्रॉड से बचाया जा सके. इसी कोशिश में वह क्रिप्टोकरंसी बिल को पेश करके डिजिटल करेंसी के क्षेत्र को अधिनियमित करने के प्रयास में है.

इस हिसाब से कुल मिलाकर देखा जाए, तो भारत के क्रिप्टोकरेंसी निवेशकों को सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले इंडियन क्रिप्टोकरेंसी बिल से ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं नजर आती है. हालांकि, निवेश करना हमेशा ही जोखिम से भरा होता है और यह नियम क्रिप्टोकरेंसी के निवेश में भी लागू होता है. Cryptocurrency में निवेश से पहले खुद भी यह सुनिश्चित करना जरूरी है, कि आप जिस माध्यम से निवेश कर रहे हैं, क्या वह सुरक्षित है? भारत के क्रिप्टो निवेशकों को ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि, अधिकतर बाजार के विश्लेषकों का कहना है, कि क्रिप्टो का भविष्य भारत में शानदार रहने वाला है, इसकी अधिक संभावनाएं देखी जा रही है.

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