Bharat Ratna for Ratan Tata: दिल्ली हाई कोर्ट में हुई सुनवाई, याचिका खारिज

Bharat Ratna for Ratan Tata: दिल्ली हाई कोर्ट में हुई सुनवाई, याचिका खारिज

देश के मशहूर उद्योगपति रतन टाटा को सबसे प्रतिष्ठित सम्मान ‘भारत रत्न’ देने की मांग सामने आई है. वहीं अब यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट में भी पहुंचा. दरअसल बात यह है, कि हाईकोर्ट में दर्ज की गई याचिका को लेकर आज यानी बृहस्पतिवार 31 मार्च को एक अहम सुनवाई हुई. आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि अब तक अलग-अलग क्षेत्रों में भारत की लगभग 48 ऐसी हस्तियां हैं, जिन्हें भारत रत्न के सम्मान से नवाज़ा जा चुका है.

मिली जानकारी के मुताबिक, सामाजिक कार्यकर्ता होने का दावा करते हुए राकेश नाम के एक व्यक्ति ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी. उन्होंने कहा, कि रतन टाटा ने अपना पूरा जीवन देश के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया. इस संबंध में, उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला था, कि कैसे टाटा एक ‘महान व्यवसायी’ रहे हैं. इसके साथ ही साथ, कैसे उन्होंने युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित और निवेश करने के प्रति जागरूक किया है. दायर हुई इस याचिका में, राकेश ने कोविड -19 महामारी के दौरान उनके योगदानों की भी चर्चा की थी.

Ratan Tata को नहीं मिलेगा भारत रत्न?

दिल्ली उच्च न्यायालय ने उद्योगपति रतन टाटा को 'भारत रत्न' देने की मांग वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई करने से आज इनकार कर दिया. शुरुआत में, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति नवीन चावला की खंडपीठ ने स्पष्ट किया, कि यह फैसला अदालतों को नहीं करना है, कि किसे पुरस्कार देना चाहिए और किसे नहीं.

इसके साथ ही, पीठ ने याचिकाकर्ता राकेश कुमार के अधिवक्ता अरविंद कुमार दुबे से ये भी कहा, कि या तो वह याचिका वापस लें, वरना अदालत इसे जुर्माना लगाकर खारिज करेगी. अदालत का रुख देते हुए अधिवक्ता ने याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी. इस पर पीठ ने फ़िलहाल याचिका को खारिज कर दिया है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि राकेश कुमार द्वारा दर्ज याचिका में ये भी कहा गया था, कि रतन टाटा एक महान व्यवसायी हैं और उनके नेतृत्व में व्यवसाय वैश्विक विस्तार पर केंद्रित है. गौरतलब है, कि साल 2012 में टाटा संस के अध्यक्ष के रूप में सेवानिवृत् होने के बाद, रतन टाटा व्यक्तिगत क्षमता में स्टार्टअप्स में निवेश करने और युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने में काफ़ी सक्रिय रहे हैं. वहीं मार्च 2020 में भी रतन टाटा ने कोरोना महामारी से लड़ने के लिए करीब 500 करोड़ रूपए का दान किया था.

इंटरनेट पर छिड़ी मुहिम

ऐसा देखा गया है, कि उद्योगपति रतन टाटा को भारत रत्न देने की मांग रुक-रुक कर इंटरनेट पर उठती ही रहती है. वहीं आज भी उनके चाहने वाले और सामान्य लोग इस पर लगातार ट्वीट कर रहे हैं. दरअसल, रतन टाटा को भारत रत्न देने के समर्थन में मोटिवेशनल स्पीकर डा. विवेक बिंद्रा ने ट्वीट करके इसकी शुरुआत की थी. इसके बाद से इस बात का समर्थन करने वालों की संख्या लगातार बढ़ती ही नज़र आ रही. गौरतलब है, कि आज भी सुबह से ट्विटर पर #BharatRatnaForRatanTata ट्रेंड हो रहा है.

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