Uttarakhand News: सुंदरधुंगा ग्लेशियर से मिले 5 ट्रेकर्स के शव, बचाव कार्य जारी

Uttarakhand News: सुंदरधुंगा ग्लेशियर से मिले 5 ट्रेकर्स के शव, बचाव कार्य जारी

कुछ समय पहले ही हिमालय में एक अभियान के दौरान, पश्चिम बंगाल के कुछ ट्रेकर्स के लापता होने की खबर आयी थी. वहीं अब कल, यानी मंगलवार को Uttarakhand के बागेश्वर ज़िले से 5 ट्रेकर्स के शव बरामद किए गए हैं. आपको बता दें, कि यह शव सुंदरधुंगा ग्लेशियर से बरामद हुए हैं. Uttarakhand के कपकोट उपभाग के जकुनी गांव के निवासी, लापता गाइड Khilaf Singh का पता लगाने के लिए बचाव दल अब भी कड़ी मशक्कत कर रही है. 

बागेश्वर ज़िला मजिस्ट्रेट Vinit Kumar ने कहा है, कि "एनडीआरएफ और एसडीआरएफ कर्मियों से युक्त 13 सदस्यीय बचाव दल, मंगलवार को सुंदरधुंगा ग्लेशियर के पास देवी कुंड पहुंचा. जहां उन्होनें पहले, 5 शव देखे और उन सभी को निकाला. उन्होंने कहा, "शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए कपकोट भेज दिया गया है." साथ ही उन्होनें कहा, कि मौसम ने पिछले कुछ दिनों में शवों को निकालने के कई प्रयासों को विफल कर दिया था. उत्तराखंड में 17-19 अक्टूबर तक, तीन दिनों की रिकॉर्ड तोड़ बारिश के बाद, मंगलवार को इन 5 ट्रेकर्स सहित, 65 पर्यटक सुंदरधुंगा ग्लेशियर में फंस गए थे." 

पीड़ितों में, Uttarakhand के उत्तरकाशी ज़िले में भारत-चीन सीमा पर तैनात, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के लिए काम करने वाले 3 कुली शामिल हैं. पिछले हफ्ते, राज्य में भारी बारिश से उत्तराखंड में अचानक बाढ़ और भूस्खलन शुरू हो गया. इसके कारण, अधिकारियों को चार धाम की तीर्थयात्रा को मजबूरन रोकना पड़ा. हालांकि, Uttarakhand सरकार ने बाद में तीर्थयात्रा फिर से शुरू कर दी. 

Uttarakhand में बीते दिनों बारिश के कारण, जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है. आपको बता दें, कि बारिश के कारण जगह-जगह सड़कें बंद हो गई. इसके कारण, लोगों को जानमाल का काफी नुकसान झेलना पड़ा. शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया, कि बारिश के कारण प्रदेश में करीब 19 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है. आपको बता दें, कि इस आपदा के कारण सबसे ज़्यादा नुकसान कुमाऊँ मंडल में हुआ है. इसके अलावा इस आपदा के कारण, अल्मोड़ा ज़िले में 8 करोड़ से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है. Uttarakhand के 417 स्कूल, आंशिक रुप से क्षतिग्रस्त हुए हैं. शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने कहा है, कि "जल्द से जल्द जो स्कूल क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनको ठीक करने का प्रयास किया जाए." स्थिति को देखते हुए, उन्होंने आपदा प्रबंधन के सचिव को एक पत्र भी लिखा है.

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