Air Pollution in India: दिल्ली के अलावा इन शहरों की हवा भी है प्रदूषित, यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट

Air Pollution in India: दिल्ली के अलावा इन शहरों की हवा भी है प्रदूषित, यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट

दिवाली के बाद से, देश की राजधानी दिल्‍ली में बढ़ते Air Pollution ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. दिल्‍ली ही नहीं, बल्कि देश के कई बड़े शहरों में दिवाली के बाद से हवा की गुणवत्ता काफी नीचे गिर गई है. Air Pollution के कारण, राजधानी दिल्ली धुंध से पूरी तरह से ढकी है. भारत के कई शहरों का यह हाल, आज दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गया है. 

वहीं सरकार द्वारा, इन शहरों की हवा की गुणवता को बढ़ाने के लिए अनेक प्रकार के कदम उठाए जा रहे हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि हवा में AQI Value जितना अधिक होगा, हवा उतनी ही अधिक दूषित होगा. 

देश की राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक, लगातार 7वें दिन भी 'बेहद खराब' श्रेणी में रहा. System of Air Quality and Weather Forecasting and Research के आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार सुबह 8 बजे AQI Value 355 दर्ज की गई. अधिकारियों के अनुसार, "तेज़ हवा चलने से रविवार तक हवा की गुणवत्ता में 'काफी सुधार' होने की संभावना है."

अगर बात दिल्ली के पड़ोसी शहरों की करें, तो आज फरीदाबाद (332), गाज़ियाबाद (338), ग्रेटर नोएडा (352), गुरुग्राम (343) और नोएडा (414) में भी Air Pollution बढ़ने के कारण, भारत के प्रदूषित शहरों की श्रेणी में आ गया है. हरियाणा के हिसार में शनिवार को AQI Value, 288 दर्ज की गई है. आपको बता दें, कि 0 से 50 के बीच की AQI Value को अच्छा माना जाता है. वहीं 51 से 100 तक AQI Value को संतोषजनक, 101 से 200 की AQI Value को मध्यम, 201 से 300 की AQI Value को खराब, 301 से 400 की AQI Value को बहुत खराब और 401 से 500 की AQI Value को गंभीर माना जाता है. 

Air Pollution कम करने के लिए सरकार ने उठाए कौनसे कदम 

भारत के शहरों में Air Pollution इतना बढ़ गया है, कि सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को अब तक प्रदूषण का कोई हल न निकाल पाने क लिए फटकार लगाई है. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान, सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta ने मुख्य न्यायाधीश N.V. Ramana की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया, कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को रोकने के लिए सख्त कदम उठा रही है. 

इन कदमों में सभी सार्वजनिक और निजी शैक्षणिक संस्थानों को पूरी तरह से बंद करना, कुछ मामलों को छोड़कर ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध और राष्ट्रीय राजधानी के 300 किलोमीटर के दायरे में, छह ताप विद्युत संयंत्रों को बंद करना शामिल है. दिल्ली सरकार ने, 21 नवंबर तक शहर में निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर भी रोक लगा दी है. उन्होंने अपने सभी कर्मचारियों को रविवार तक घर से काम करने के आदेश भी दिए हैं. 

वहीं सरकार, अब कूड़ा जलाने वालों के प्रति भी सख्त कानून बना रही है. इसके अलावा, हरियाणा की सरकार ने भी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का फैसला किया है. आपको बता दें, कि खबर आई थी, कि दिल्ली में Air Pollution के चलते एक बार फिर से लॉकडाउन लग सकता है. 

आपको बता दें, कि दिल्ली में प्रदूषण को कम करने के लिए स्मॉग टावर भी लगाए गए हैं. दिल्ली के कनॉट प्लेस में राज्य का पहला स्मॉग टावर लगाया गया था.  इसका उद्घाटन दिल्ली के मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal ने किया था. 

क्या है इस बढ़ते प्रदूषण का कारण?

इन प्रदूषित हवाओं का कारण, दिवाली में लोगों द्वारा जलाए गए पटाखे हैं, या किसनों द्वारा जलाई गई पराली, यह कहना मुश्किल है. लेकिन इस बढ़ते Air Pollution का कारण जो भी है, उससे इन प्रदूषित शहरों में रहना धीरे धीरे खतरनाक होता जा रहा है. ऐसे में यह सरकार के लिए भी एक चिंता का विषय बना हुआ है. 

स्वच्छ सर्वेक्षण 2021

इन सब खबरों के बीच एक अच्छी खबर यह है, कि भारत के राष्ट्रपति Ram Nath Kovind ने शनिवार को देश के 342 साफ शहरों को सम्मानित किया. स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 का समारोह दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित किया गया. इस समारोह में इंदौर शहर को लगातार 5वीं बार, स्वच्छ शहर का पुरस्कार मिला. राष्ट्रपति Ram Nath Kovind ने, इंदौर के अधिकारियों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया. Ram Nath Kovind ने सूरत (गुजरात) और विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश) को देश का दूसरा और तीसरा सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया है.

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