Indian Air Force Day: 89वें स्थापना दिवस पर वायुसेना ने विश्व को दिखाई ताकत

Indian Air Force Day: 89वें स्थापना दिवस पर वायुसेना ने विश्व को दिखाई ताकत

आज 8 अक्टूबर को पूरा भारत, Indian Air Force दिवस मना रहा है. Indian Air Force दिवस के बारे में दुनिया भर में जागरूकता बढ़ाता है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और शांति को मज़बूत करने की दिशा में काम करती है. आपको बता दें, कि देश ने अब तक जितने भी युद्धों या चुनौतियों का सामना किया, उनमें Indian Air Force ने भी बहुत अहम भूमिका निभाई है. भारत और सभी भारतीय नागरिकों के लिए, ये एक बड़े गर्व का दिन है. 

आज Indian Air Force अपना 89वां स्थापना दिवस मना रही है. आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि Indian Air Force दिवस को वर्ष 1932 में हुई भारतीय वायुसेना की स्थापना दिवस के तौर पर मनाया जाता है. आज के ही दिन, भारतीय वायुसेना को आधिकारिक तौर पर यूनाइटेड किंगडम की रॉयल एयरफोर्स के सहायक बल के रूप में मान्यता प्राप्त हुई थी. भारत की आज़ादी के बाद, वायुसेना के नाम में से 'रॉयल' शब्द हटाकर सिर्फ 'Indian Air Force' कर दिया गया था. 

इस बार, भारतीय एयरफोर्स दिवस पर दुनिया का सबसे बड़ा तिरंगा लगाया गया है. इस बार, Indian Air Force के कार्यक्रम का विषय 'आत्मनिर्भर' व 'सक्षम' रखा गया है. भारतीय वायुसेना के सबसे उन्नत लड़ाकू विमान Sukhoi, Rafale, Mirage, Jaguar और MiG-21 Bison को प्रदर्शित किया गया.  इसके अलावा, लड़ाकू विमान Chinook और Apache को भी प्रदर्शित किया गया. 

दुनिया भर में Indian Air Force को चौथी सबसे बड़ी, परिचालन वायुसेना के रूप में स्थान दिया गया है. अमेरिका, चीन और रूस की वायुसेना पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर है. आपको बता दें, कि पूरे एशिया में सबसे बड़ा एयरबेस, Hindon Air Force Station है, जो उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद शहर में स्थित है. 

भारतीय वायुसेना का आदर्श वाक्य 'नभ: स्पृशं दीप्तम' है, जिसे गीता के 11वें अध्याय से लिया गया है. यह वाक्य, महाभारत के युद्ध के दौरान कुरूक्षेत्र में भगवान श्री कृष्ण द्वारा, अर्जुन को दिए गए उपदेश का एक अंश है. आपको बता दें, कि कई अन्य कार्यक्रमों और उपक्रमों के साथ-साथ, Indian Air Force संयुक्त राष्ट्र के साथ शांति अभियानों में भी काम करता है. भारतीय वायुसेना की विशाल सेना में महत्वपूर्ण संख्या में महिला अधिकारी, महिला नेविगेटर और महिला फाइटर पायलट भी शामिल हैं, जो कई वर्षों से भारतीय वायुसेना में अपनी सेवाएं प्रदान कर रही हैं. 

कैसे मिली Indian Air Force को पहचान 

आपको बता दें, कि 8 अक्टूबर, 1932 को, Indian Air Force की स्थापना हुई थी. 1 अप्रैल, 1954 को वायुसेना के संस्थापक सदस्यों में से एक एयर मार्शल, Subroto Mukherjee ने भारतीय वायुसेना के पहले प्रमुख के रूप में पदभार संभाला. द्वितीय विश्व युद्ध मानव जाति के इतिहास में सबसे खूनी युद्ध माना जाता है. भारतीय वायुसेना ने इस युद्ध के दौरान, युनाइटेड किंगडम को अपना समर्थन दिया था. वहीं Indian Air Force के महान नायकों में से एक कहे जाने वाले, KK Majumdar को मित्र देशों की वायुसेना के 12 सर्वश्रेष्ठ पायलटों में से एक का दर्जा दिया गया था. उसी दशक में, भारतीय वायुसेना के गठन के बाद एक स्वतंत्र भारत का जन्म हुआ था. 

भारतीय वायुसेना द्वारा किए गए ये प्रमुख ऑपरेशन

1. गोवा का विलय (1961)

नई दिल्ली और लिस्बन के बीच वर्षों की असहमति के बाद, भारत सरकार ने साल 1961 में गोवा के पुर्तगाली उपनिवेशों पर हमला करने का फैसला किया था. तब Indian Air Force ने भारतीय थल सेना को 'ऑपरेशन विजय' में सहायता प्रदान की थी. वायुसेना ने सावधानी से डाबोलिम हवाई क्षेत्र के रनवे पर बमबारी की और सभी टर्मिनल और एटीसी टावरों को नुकसान से बचा लिया. 

2. ऑपरेशन मेघदूत (1984)

साल 1984 में Indian Air Force ने विवादित कश्मीर क्षेत्र से सियाचिन ग्लेशियर पर कब्ज़ा करने के लिए, 'मघदूत ऑपरेशन' की शुरुआत की थी. तब भारतीय वायुसेना के 3 लड़ाकू विमान, Mi-8, Chetak और Cheetah ने सैकड़ों भारतीय सैनिकों को सियाचिन ग्लेशियर तक पहुंचाने में मदद की. 

3. ऑपरेशन पवन (1987)

Indian Air Force ने साल 1987 में 'ऑपरेशन पवन' की शुरुआत की थी. इसमें भारतीय वायुसेना ने उत्तरी और पूर्वी श्रीलंका में भारतीय शांति सेना में योगदान दिया. 'ऑपरेशन पवन', भारतीय वायुसेना की बेजोड़ विशेषज्ञता का प्रतीक था. इस कार्रवाई में भारतीय वायुसेना के परिवहन और हेलीकॉप्टर बल ने लगभग, 1,00,000 सैनिकों और अर्धसैनिक बलों का समर्थन करने के लिए लगभग 70,000 उड़ानें भरी थी. 

4. ऑपरेशन सफेद सागर (1999)

साल 1999 में Indian Air Force को कारगिल युद्ध में भारतीय सशस्त्र बलों का समर्थन करने के लिए कहा गया था. शुरुआती हमलों में कवर प्रदान करने वाले, मिग-21 और मिग-29 लड़ाकू विमान थे और तोलोलिंग सेक्टर में MI-17 गनशिप भी तैनात की गई थी. भारतीय वायुसेना ने Mirage-2000 और Mig -25R का भी इस्तेमाल इस कार्रवाई में किया था. 

5. बालाकोट हवाई हमला (2019)

साल 2019 में पुलवामा हमले के दौरान, मारे गए भारतीय सैनिकों का बदला लेने के प्रयास में भारत सरकार के नेतृत्व में, Indian Air Force ने 26 फरवरी, 2019 को एक गुप्त कार्रवाई को अंजाम दिया. इस गुप्त कार्रवाई में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शिविरों पर हमला किया. इस गुप्त कार्रवाई का नाम 'बंदर' रखा गया था, जिसके लिए 12 मिराज को नियोजित किया गया था. 

देश में प्राकृतिक आपदा या किसी भी अन्य आपदा के दौरान, Indian Air Force ने हमेशा राहत कार्यों में भाग लिया है. भारतीय वायुसेना के कुछ महत्वपूर्ण राहत कार्यों में गुजरात चक्रवात (1998), सुनामी (2004) और उत्तर भारत में बाढ़ शामिल है. भारतीय वायुसेना, ऑपरेशन विजय, ऑपरेशन मेघदूत, ऑपरेशन पूमलाई जैसे विभिन्न अभियानों का भी हिस्सा रहा है. 

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