15 मिनट में निवेशकों ने गवांए 7 लाख करोड़ रुपये, दलाल स्ट्रीट में डर का माहौल

Pedestrians look up at an electronic ticker board showing a budget news report outside the Bombay Stock Exchange (BSE) in Mumbai, India, on Thursday, Feb. 1, 2018. Prime Minister Narendra Modi's government ended a tax break on equity investments as it taps the stock market boom to boost its coffers. Photographer: Dhiraj Singh/Bloomberg via Getty Images
Pedestrians look up at an electronic ticker board showing a budget news report outside the Bombay Stock Exchange (BSE) in Mumbai, India, on Thursday, Feb. 1, 2018. Prime Minister Narendra Modi's government ended a tax break on equity investments as it taps the stock market boom to boost its coffers. Photographer: Dhiraj Singh/Bloomberg via Getty Images

कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण सोमवार को भारत के शेयर बाज़ार में भारी गिरावट देखने को मिली।

प्रतिदिन कोरोना संक्रमण के बढ़ते हुए मामलों ने भारत के शेयर बाजार की कमर तोड़ दी है। सोमवार को शेयर बाज़ार में निवेशकों के 7 लाख करोड़ रुपये डूब गए। कोरोना संक्रमण के साथ ही अन्य एशियाई बाज़ारों के खराब प्रदर्शन से भी शेयर बाज़ार पर असर पड़ा। एशिया के बाजारों में 1 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली है।

विगत 24 घण्टो के दौरान भारत मे रेकॉर्ड 1,69,899 कोरोना संक्रमण के मामले दर्ज किए गए है। जियोजित फाइनेंसियल सर्विस के वी.के. विजयकुमार ने कहा है कि "कोरोना की दूसरी लहर उम्मीद से अधिक दुष्प्रभावी है। इसकी वजह से बाजार और अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता का माहौल है। चूंकि कोरोना की दूसरी लहर का असर भारत के आर्थिक केंद्र महाराष्ट्र में अधिक है इस कारण यह भारतीय बाज़ार के समीकरणो को बिगाड़ सकती है।"

विजय कुमार का यह भी मानना है कि अगर संक्रमण के मामले जल्द कम होने लगे तो हालात में सुधार भी आ सकता है।

आस्क संदीप सभरवाल वेबसाइट के संदीप सभरवाल का का कहना है की "स्वास्थ्य क्षेत्र के खराब हालात और रुपए के विमूल्यन से आई टी और फार्मा सेक्टर के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो गयी है और बाज़ार में आई गिरावट का असर इनपर अधिक नहीं देखने को मिलेगा। हालांकि बाजार के अन्य स्टॉक्स के ऊपर इन परिस्थितियों से जूझने का दबाव रहेगा।"

संदीप सभरवाल का मानना है की रुपये का कमजोर होना बाजार में आई गिरावट का मुख्य कारण है।

उन्होंने कहा "विश्लेषण करने पर मालूम चलता है कि जब भी रुपया कमज़ोर होता है 95 प्रतिशत समय बाज़ार में इसके साथ ही गिरावट देखने को मिलती है।"

टैग्स : बिज़नेस, व्यापार, अर्थव्यस्था, मार्केट, शेयर बाज़ार, रुपया, दलाल स्ट्रीट

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