बिहार में नहीं थम रहा चमकी बुखार का आतंक, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किये बचाव के लिए ज़रूरी निर्देश

बिहार में नहीं थम रहा चमकी बुखार का आतंक, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किये बचाव के लिए ज़रूरी निर्देश

गर्मियों में हर साल बिहार (Bihar) में फैलने वाला चमकी बुखार, इस साल भी राज्य में आतंक फैला रहा है. खबरों के अनुसार, बिहार का 1 और बच्चा चमकी बुखार की चपेट में आया है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं कुछ समय पहले, बिहार के मुज़्ज़फ़्फ़रपुर में चमकी बुखार से 1 बच्चे की मौत हो गई थी.

बिहार में चमकी बुखार से पीड़ित यह बच्चा जमुई ज़िले का रहने वाला है. इस बच्चे को जमुई के लगमा गाँव से लाया गया है और फिलहाल इसका इलाज, सदर अस्पताल में चल रहा है. वहीं इससे पहले मुज़्ज़फ़्फ़रपुर में जिस बच्चे की मौत हुई थी, उसे अरविंद केजरीवाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि अक्यूट एन्सेफलाइटिस सिंड्रोम (Acute Encephalitis Syndrome) को बिहार में चमकी बुखार के नाम से जाना जाता है. विशेषज्ञों के अनुसार, यह बुखार गर्मियों के मौसम में तापमान बढ़ने के चलते, बच्चों को अपना शिकार बनाता है. वहीं लगातर बढ़ती गर्मी के बीच बढ़ रहे चमकी बुखार के मामलों की गंभीरता को देखते हुए, बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने चमकी बुखार से बचाव के तरीकों के बारे में जागरूकता फैलानी शुरु कर दी है. कुछ दिनों पहले, स्वास्थ्य विभाग ने बचाव के उपायों से जुड़ी एक वीडियो भी साझा की थी.

बिहार में चमकी बुखार से बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय

बिहार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, चमकी बुखार से बचना और लड़ना मुश्किल नहीं है. इसके लिए, केवल बच्चों के आसपास मौजूद लोगों कों थोड़ी सतर्कता और समझदारी से काम लेना है.

1. बच्चों के खाने-पीने का रखें ध्यान


बच्चों को कभी भी भूखा न सोने दें. उन्हें हमेशा रात का खाना या फिर थोड़ा बहुत खाना खिलाकर ही सुलाएं.

2. बच्चों को सुबह नींद से जगाएं


सुबह खुद उठने के साथ ही, अपने बच्चे को भी नींद से ज़रूर जगाएं. फिर उनसे थोड़ी बातचीत करके यह सुनिश्चित करें, कि वो बीमार या बेहोश तो नहीं हैं.

3. बिमार होने पर तुरंत अस्पताल ले जाएं


अगर आपका बच्चा बीमार या बेहोश है, तो आप उसे तुरंत अस्पताल ले जाएं और डॉक्टर की सलाह पर ही उसका इलाज करवाएं.

चमकी बुखार से लड़ना और उस पर जीत पाना संभव है. मग़र ऐसा तभी होगा, जब हम अपने बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए इन क़दमों को अपनाएं.

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