Vir Das: ‘Two Indias’ कविता पर माफ़ी माँगने के बाद भी नहीं रुक रहा विवाद, मुंबई में दर्ज हुई FIR

Vir Das: ‘Two Indias’ कविता पर माफ़ी माँगने के बाद भी नहीं रुक रहा विवाद, मुंबई में दर्ज हुई FIR

भारत के स्टैंडअप कॉमेडियन, Vir Das ने हाल ही में अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में Two Indias नाम की कविता का पाठ किया था. जिसके बाद से ही वह अपनी कविता को लेकर विवादों के घेरे में हैं. वहीं, विवाद के बाद अब उनकी मुश्किलें और भी बढ़ती जा रही हैं. दरअसल, मुंबई के पुलिस थाने में उनकी कविता को लेकर एक FIR दर्ज़ हुई है. 

शिकायकर्ता का कहना है, कि Vir Das की इस कविता से भारत की छवि धूमिल हुई है. आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि Vir Das ने अमेरिका में अपनी कविता Two Indias भारत के दोहरे चरित्र का वर्णन किया था. इस वीडियो के रिलीज़ होते ही लोग भड़क गए और उन पर देश की छवि धूमिल होने का आरोप लगाया. वहीं, अब मुंबई उच्च न्यायालय के अधिवक्ता, आशुतोष जे दुबे ने उनके खिलाफ़ शिकायत दर्ज करवाई है. 

अधिवक्ता ने शिकायत की प्रति को अपने सोशल मीडिया पर भी साझा किया और कैप्शन में लिखा, कि "मैंने कॉमेडियन Vir Das के खिलाफ मुंबई पुलिस में अमेरिका में भारत की छवि खराब करने को लेकर शिकायत दर्ज करवाई है. उनके द्वारा पढ़ी गई कविता से लोगों की भावना को ठेस पहुंची है. उन्होंने जान बूझकर भारत, भारतीय महिलाओं और भारत के प्रधानमंत्री के खिलाफ उकसाने वाले और अपमानजनक बयान दिए हैं."

हालांकि, उनकी कविता को लेकर लोग भी दो भागों में बंट गए हैं. BJP मंत्री, Priti Gandhi ने Vir Das की कविता को लेकर जमकर आलोचना की है. वहीं, कांग्रेस नेता Kapil Sibal ने उनका समर्थन करते हुए लिखा कि, " इसमें कोई दो राय नहीं है, कि भारत दो प्रकार का है, Vir Das. हालांकि हम यह किसी को बताना नहीं चाहते. हम असहिष्णु और पाखंडी हैं." 

Vir Das ने दी सफाई

वहीं, विवाद के बाद कॉमेडियन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर अपनी सफ़ाई भी दी है. उन्होंने लिखा है, कि "मेरा इरादा देश का अपमान करने का नहीं था, बल्कि याद दिलाने का था कि देश अपने तमाम मुद्दों के बाद भी 'महान' है. एक ही विषय के बारे में दो अलग विचार रखने वाले लोगों के बारे में वीडियो में बात हो रही है. ये किसी तरह का कोई रहस्य नहीं है, जिसे लोग नहीं जानते. लोग भारत को एक उम्मीद के साथ देखते हैं, नफरत के साथ नहीं. लोग भारत के लिए तालियां बजाते हैं, इज्जत देते हैं और मुझे अपने देश पर गर्व है. मैं इस गर्व के साथ जीता हूं."

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