Happy Birthday Vijender Singh: बाॅक्सिंग रिंग के बाहर इन विवादों को कर चुके हैं ‘नाॅक आउट’

Happy Birthday Vijender Singh: बाॅक्सिंग रिंग के बाहर इन विवादों को कर चुके हैं ‘नाॅक आउट’

भारतीय मुक्केबाज़ Vijendra Singh, देश का एक जाना-माना नाम बन चुके हैं. हरियाणा में भिवानी के एक छोटे से गांव से आया यह लड़का, आज अपनी मेहनत के बलबूते पर देशवासियों की आंखों का सितारा बन गया. ये एक ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने अपने हर एक मैच में पदक भले ही ना जीता हो, मगर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने से कभी पीछे नहीं रहे. आज Vijender Singh पूरे 36 साल के हो गए हैं, आइये इस मौके पर जानते हैं, उनकी ज़िंदगी के अब तक के कुछ बड़े विवादों के बारे में.

कहते हैं ना, 'कठिन मेहनत ही सफलता की पूंजी है', हरियाणा के एक छोटे से गांव ये आए इस लड़के ने इस बात को सही साबित किया है. Vijender Singh ने बीजिंग ओलंपिक्स में भारत को कांस्य पदक दिलाकर, मुक्केबाज़ी में अपना परचम लहराया था. इसके बाद से ही उन्होंने, सफलता की सीढ़ी चढ़ते हुए कई मुकाम हासिल किए, मगर इस राह में उन्हें कई विवादों का सामना भी करना पड़ा. आज हम आपको उनके बाॅक्सिंग रिंग के बाहर के ऐसे ही विवादों के बारे में बताएंगे.

Vijender Singh के अब तक के वो बड़े विवाद, जिन्होंने मचाया खूब बवाल

1. ड्रग्स मामले में आया था नाम

साल 2012 के एक ड्रग्स मामले में, इस मुक्केबाज़ के नाम ने सभी देशवासियों को चौंका दिया था. 6 मार्च, 2012 को चंडीगढ़ के एक घर में छापा मारते हुए, पंजाब पुलिस ने भारी मात्रा में ड्रग्स ज़ब्त किए थे. साथ ही, उस घर के सामने से Vijender Singh की पत्नी की गाड़ी भी बरामद हुई थी. इसके बाद, पंजाब पुलिस में छानबीन करते हुए Vijender के ड्रग्स लेने की बात कही थी. फिर आखिरकार, National Anti Doping Agency (NADA) ने साल 2013 में उन्हें इस मामले में क्लीन चिट दे दी थी.

2. पेशेवर मुक्केबाज़ बनने पर लोगों ने किया था ट्रोल

साल 2015 में, Vijendra Singh के प्रो बॉक्सिंग चुनने के फैसले पर, उन्हें लोगों की टिप्पणियों और निंदा का सामना करना पड़ा था. कई लोगों ने उन्हें सोशल मीडिया पर ये कहते हुए भी ट्रोल किया था, कि उन्होंने देश से बढ़कर पैसों को मान्यता दी है. 

3. राजनीति में नहीं चला पंच

साल 2019 में भारतीय मुक्केबाज़ी के इस सितारे ने, कांग्रेस का हाथ पकड़ कर राजनीति में प्रवेश किया था. कांग्रेस ने उसी साल, दक्षिणी दिल्ली से Vijender को चुनाव भी लड़वाया. लेकिन वे लोगों का दिल जीतने में नाकाम रहे और इसका खामियाज़ा, उन्हें चुनाव हारकर भुगतना पड़ा. 

4. किसानों का समर्थन करते हुए 'खेल रत्न' लौटाने का ऐलान

साल 2020 में शुरू हुए कृषि कानून के विरुद्ध शुरु हुए किसान आंदोलन को लेकर, कांग्रेस नेता और भारतीय मुक्केबाज़ Vijender Singh ने अपना राष्ट्रीय पुरस्कार लौटाने का ऐलान किया था. तब उनके इस ऐलान पर सियासत काफ़ी गर्म हो गई थी. इस मामले पर, अभिनेत्री Kangana Ranaut से उनकी ट्विटर पर जंग भी काफ़ी दिनों तक चली थी.

आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि Vijender Singh इन दिनों सोशल मीडिया पर काफ़ी सक्रिय रहते हैं. हर दूसरे दिन, किसान आंदोलन पर उनका समर्थन और भाजपा पर उनकी तीखी टिप्पणियां, उनके सोशल मीडिया पर देखने को मिलती हैं.

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