Burari Deaths: फंदे से लटकती 11 लाशों के रहस्य से पर्दा उठाएगा ‘House of Secrets’

Burari Deaths: फंदे से लटकती 11 लाशों के रहस्य से पर्दा उठाएगा ‘House of Secrets’

साल 2018 में सामने आए Burari Deaths के मामले से, दिल्ली समेत पूरा देश सन्न रह गया था. जहां दिल्ली के Burari इलाके में हुई इस घटना को लेकर, कई महीनों तक मीडिया और सोशल मीडिया पर चर्चा होती रही, वहीं इस मामले की जांच में कई प्रकार के तथ्यों का खुलासा भी हुआ. लेकिन कुछ अनसुलझे तथ्य ऐसे भी हैं, जिनकी वजह से इस घटना की गुत्थी अभी तक सुलझ नहीं पाई है. 

कुछ खबरें ऐसी होती हैं, जो आपके रोंगटे खड़े कर देती हैं. ऐसी ही एक ख़बर, वर्ष 2018 में दिल्ली के Burari से आयी थी, जहां एक परिवार के 11 लोगों की मौत एक साथ, रहस्यमयी तरीके से हुई थी. हाल ही में Netflix ने इस घटना पर बनी डॉक्यूमेंट्री सीरीज़, 'House Of Secrets: The Burari Deaths' का ट्रेलर रिलीज़ किया था. ट्रेलर रिलीज़ होने के बाद से ही, लोगों ने यह कयास लगाना शुरू कर दिया था, कि इस सीरीज़ के ज़रिए Burari Deaths के कई अनसुलझे पहलुओं से पर्दा उठ सकता है. आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि इस घटना में सिर्फ एक कुत्ता जीवित बचा था. एक ही परिवार की तीन पीढ़ियां एक ही झटके में खत्म हो गई थीं. 

बड़े तर्ज़ पर बनी है 'House Of Secrets: The Burari Deaths'

लोगों को असमंजस में डालने वाली Netflix की इस सीरीज़, 'Burari Deaths' के ट्रेलर में, असली फुटेज का इस्तेमाल किया गया है. इस सीरीज़ को राह दिखाई है निर्देशक, Leena Yadav और Anubhav Chopra ने. इस डॉक्यूमेंट्री सीरीज़ की एक बेहद खास बात यह भी है, कि इसका संगीत भारतीय संगीतकार, A.R Rahman ने दिया है. पहली बार किसी डॉक्यूमेंट्री में संगीत देने के अपने अनुभव की चर्चा करते हुए, Rahman ने इसे बेहद ख़ास बताया है. 

Burari Deaths सीरीज़ के निर्देशक, Leena Yadav ने मीडिया से बात करते हुए कहा है, कि "जब आप किसी क्राइम पर सीरीज़ बनाने का दारोमदार अपने हाथों में लेते हैं, तो इसके साथ ही आपका दायित्व भी कई गुना बढ़ जाता है. हमने Burari Deaths की सच्चाई को बारीकी से जानने की कोशिश की है. मुझे लगता है, कि किसने किया से ज़्यादा ज़रूरी ये होता है, कि क्यों किया? इस सीरीज़ के ज़रिए हमने इसी सवाल से पर्दा उठाने का प्रयत्न किया है".

ऐसे समझें Burari Deaths का पूरा मामला

1.एक साथ मिली थीं 11 लाशें

1 जुलाई, 2018 की सुबह, दिल्ली के Burari इलाके में एक परिवार के कुल 10  लोगों की लाशें फंदे से लटकती हुई मिली थीं. बरामद की गई 11 लाशों में, घर की एक बुज़ुर्ग महिला का शव भी शामिल था, जो  ज़मीन पर पड़ा मिला था. Burari Deaths की इस घटना से कुछ पलों के लिए पूरा देश स्तब्ध रह गया था. हर किसी के मन में बस  एक ही सवाल था, कि आखिर इस परिवार ने ऐसा भयानक कदम क्यों उठाया? या फिर, ये कोई हत्या तो नहीं है?

2. इन लोगों की गई थी जान

रहस्यमयी तरीके से हुई Burari Deaths के दौरान, मरने वालों में सात महिलाएं और चार पुरुष शामिल थे. गौर करने की बात यह भी है,  कि इनके मरने का तरीका एकदम अलग था. Burari Deaths मामले में अपनी जान गंवाने वालों के नाम कुछ इस प्रकार हैं:

नं.            नाम    उम्र
1.Narayani Bhatia    77
2.Bhavesh Singh    50
3.Lalit Singh    45
4.Savita Bhavesh Singh    48
5.Tina Lalit Singh    42
6.Neetu Singh    25
7.Monu उर्फ़ Maneka Singh    23
8.Dhruv उर्फ़ Dushyant Singh    15
9.Shivam Singh  15
10.Pratibha Bhatia  48
11.Priyanka Bhatia  33

3. विचित्र अवस्था में मिले थे शव

Burari Deaths में हैरत की बात यह भी थी, कि सभी 11 लोगों के शव काफ़ी अद्भुत अवस्था में पाए गए थे. शवों के चेहरे पूरी तरह पट्टियों से बंधे हुए थे, और कानों में रुई डाली गई थी. कुछ शवों के हाथ पैर भी बंधे हुए मिले थे.

पुलिस के सामने था बड़ा सवाल, हत्या या आत्महत्या?

Burari Deaths मामले की जांच के लिए पहुंचे हेड कांस्टेबल, Rajeev Tomar ने बताया था, की "17 साल के करियर में ऐसी किसी घटना से मेरा सामना, पहली बार हुआ था. घर के कमरे में पेड़ों की शाखाओं की तरह लाशें टंगी हुई थी. शवों के मुंह, हाथ, पैर बंधे होने के कारण प्राथमिक तौर पर हमने भी न इसे हत्या का मामला करार देकर जांच शुरू की थी. मगर धीरे-धीरे इस मामले में जो तथ्य सामने आए, वह काफ़ी चौंकाने वाले थे".

अंधविश्वास की तरफ मुड़ा Burari Deaths का रुख

हत्या के एंगल से शुरू हुए Burari Deaths मामले की जांच का रुख़ तब पलटा, जब जांच कर रही दिल्ली पुलिस के हाथ, घरवालों की डायरियों के पन्ने आये. इनके अनुसार, साल 2007 में पिता, Bhopal Singh की मृत्यु के बाद घर में हुए गरुड़ पुराण पाठ के दौरान, परिवार के एक सदस्य, Lalit की खोई आवाज़ अचानक वापस आ गई थी. इस घटना पर सभी ने यह मान लिया, कि उनके मृत पिता वापस आ गए हैं. कहा जाता है, कि पड़ोसी इसी घटना को परिवार के अंत की शुरुआत मानते हैं. इस घटना के बाद से Burari के इस परिवार ने जैसे अंधविश्वास का हाथ ही थाम लिया था. वहीं मृतकों के घर से बरामद हुए डायरी और रजिस्टर के पन्नों से यह खुलासा भी हुआ, कि उन्होंने मोक्ष प्राप्ति के लिए 'बड़ पूजा' की थी. उन पन्नों में लिखा हुआ था, कि "सात दिन तक लगातार बड़ तपस्या करनी है. भगवान मरने नहीं देंगे." हालांकि, इस बात में कितनी सच्चाई है, यह कहा नहीं जा सकता. 

Burari Deaths मामले का क्या निकला निष्कर्ष?

पुलिस के कई महीनों की जांच से निकले निष्कर्ष के अनुसार, पूरा परिवार शेयर्ड साइकोटिक डिसॉर्डर नाम की एक मानसिक बीमारी से ग्रसित था. साथ ही, पुलिस ने इसे मोक्ष प्राप्ति के उद्देश्य से उठाया गया एक गलत और अंधविश्वास वाला कदम करार दिया है. मगर पल-पल बदलती Burari Deaths की इस घटना को सीरीज़ के माध्यम से देखना, दर्शकों के लिए काफ़ी रोमांचक होगा. हालांकि, देखना यह भी है, कि ये शो Burari घटना के अनसुलझे सवालों का जवाब दर्शकों को दे पाता है या नहीं.

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