Electric Vehicles In India: क्या है भविष्य, कौन कौन सी कंपनियां शामिल हैं इस दौड़ में

Electric Vehicles In India: क्या है भविष्य, कौन कौन सी कंपनियां शामिल हैं इस दौड़ में

कुछ वर्षों पहले भारत सरकार ने एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का समझौता किया था. जिसमें सभी देशों के साथ साथ भारत भी साल 2030 तक देश में बनने वाले वाहनों में से 30% Electric Vehicles बनाएगा. और इसी समझौते के साथ ही देश में इन वाहनों के निर्माण पर ध्यान दिया जाने लगा. हालांकि इससे पहले भी कई भारतीय कंपनियों ने इलेक्ट्रिक वाहनों के बड़े क्षेत्र में घुसने की कोशिश की थी. लेकिन, लगभग सभी कंपनियों को कुछ ही महीनों के भीतर इन वाहनों का निर्माण बंद करना पड़ा था. उन कंपनियों के बंद होने के साथ ही आम भारतीय लोगों की Electric Vehicles के प्रति धारणा भी काफी नकारात्मक हो गई. इन गाड़ियों को धीमा, महंगा और डीजल, पेट्रोल गाड़ियों से कई गुना कम शक्तिशाली माना जाने लगा. और उस वक्त के लिए यह बात सच भी थी. लेकिन टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट का असर हर क्षेत्र के साथ साथ इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण के क्षेत्र में भी भरपूर दिखा. आज यह बात एक दम साफ़ हो गई है कि भविष्य Electric Vehicles का ही होने वाला है.

Electric Vehicles की देश में शुरुआत कम रफ्तार वाली बाइक्स और ई -रिक्शा से हुई. यह दोनों ही बहुत ही धीमी रफ्तार पर चला करते थे. जिससे की देश के आम नागरिक बैटरी वाले वाहनों के लिए पूर्वाग्रह रखने लगे. साल 2019 से इस बाज़ार में बदलाव आना शुरू हुआ. एक के बाद एक नई इलेक्ट्रिक बाइक्स लॉन्च होने लगी. जिसमें शुरुआत की Revolt RV 400 ने. आपको बता दें कि Revolt के CEO, Rahul Sharma हैं, जो कि भारतीय मोबाइल निर्माता कंपनी Micromax के फाउंडर हैं. Revolt RV 400 की अधिकतम स्पीड 85 KMPH थी. कम संख्या में चार्जिंग स्टेशन होने के कारण Revolt RV 400 भारतीय बाजारों में इतना बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाई थी. Revolt के बाद भारतीय इलेक्ट्रिक वाहनों के बाज़ार में एक स्टार्टअप कंपनी Ather 450X ने एंट्री की. और इसी के साथ भारतीय बाजारों में Electric Vehicles की मांग भी बढ़ने लगी थी.

2021 में भारतीय Electric Vehicles का बाज़ार

2020 के बाद से देश में इलेक्ट्रिक बाइक्स के साथ इलेक्ट्रिक कारें भी निर्मित होने लगीं. 2021 में सबसे ज़्यादा ध्यान आकर्षित करने वाली बाइक OLA Electric रही. OLA कंपनी जो पहले सिर्फ कैब सर्विस किया करती थी. अब उन्होंने दुनिया की सबसे बड़ी टू व्हीलर निर्माण फैक्ट्री भारत में ही शुरू कर दी है. कीमत के नज़रिए से भी OLA S1 बाइक सबसे सस्ती बाइक है. वहीं, Tata Motors ने 2020 में देश की पहली इलेक्ट्रिक कार बाज़ार में लॉन्च की. Tata ने Tata Nexon के साथ भारतीय Electric Vehicles के बाज़ार में एंट्री ले ली. और अब उन्होंने देश की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कार Tata Tigor EV भी लॉन्च कर दी है. इसके अलावा Mahindra की E- Verito, Hyundai की Kona EV और MG की ZS EV भी लॉन्च हो चुकी है.

भारत में Electric Vehicles का भविष्य

नीति आयोग की रिर्पोट के अनुसार देश में साल 2030 तक कुल बनने वाली कारों में 30% कारें इलेक्ट्रिक होने वाली हैं. Tata, Mahindra, MG और Hyundai के अलावा अब बाकी कंपनियां भी Electric Vehicles के बाज़ार में एंट्री लेने वाली हैं. भारत सरकार के द्वारा भी इलेक्ट्रिक वाहनों पर भारी सब्सिडी दी जा रही है. राजस्थान, गोवा, दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्य भी अपनी ओर से इलेक्ट्रिक वाहनों के विक्रेताओं को अतिरिक्त सब्सिडी दे रहे हैं. इसके अलावा पेट्रोल के बढ़ते दाम इन वाहनों को खरीदने का एक बड़ा कारण बनने वाला है. वहीं, भारत सरकार ने दुनिया की सबसे प्रसिद्ध इलेक्ट्रिक कार Tesla को भी भारत में प्रवेश की अनुमति दे दी है. Tesla जल्द ही बैंगलोर में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट भी शुरू करने वाली है.

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