दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित होंगी आशा पारेख, भारतीय सिनेमा में दिया है शानदार योगदान

दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित होंगी आशा पारेख, भारतीय सिनेमा में दिया है शानदार योगदान

अनुभवी अभिनेत्री आशा पारेख (Asha Parekh) 1960 और 1970 के दशक की सबसे सफल अभिनेत्रियों में से हैं. अभिनेत्री को हिंदी सिनेमा की सबसे प्रभावशाली अभिनेत्रियों में से एक भी माना जाता है. अपने फ़िल्मी करियर में अभिनेत्री ने, 70 से अधिक फ़िल्मों में काम किया और उन सभी में अपने शानदार अभिनय से, लाखों लोगों को अपना फैंन बनाया. भारतीय सिनेमा में आशा पारेख के इसी शानदार योगदान के लिए, उन्हें भारत का सर्वोच्च फिल्म सम्मान, दादा साहब फाल्के पुरस्कार (Dada Saheb Phalke Award) दिया जाएगा.

आशा पारेख को मिलेगा दादा साहब फाल्के पुरस्कार

मंगलवार को आईं खबरों के अनुसार आशा पारेख, जिन्हें हिंदी सिनेमा की सबसे प्रभावशाली अभिनेत्रियों में से एक माना जाता है, इस साल दादा साहब फाल्के पुरस्कार दिए जाने की घोषणा हुई. वहीं पिछले साल, दक्षिण के मेगास्टार रजनीकांत (Rajinikanth) को, 2019 के दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि महामारी के कारण पुरस्कारों में एक साल की देरी हुई थी.

इन फ़िल्मों से मिली पहचान

आशा पारेख ने साल 1952 की फिल्म ‘आसमान’ (Aasmaan) से बॉलीवुड में एक बाल कलाकार के रूप में अपना डेब्यू किया था. इसके बाद, अभिनेत्री ने ‘दो बदन’ (Do Badan), ‘उपकार’ (Upkar) और ‘कारवां’ (Caravan) जैसी फिल्मों में अभिनय करके, बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई. आगे चलकर, उन्होंने ‘दिल देके देखो’ (Dil Deke Dekho) (1959), ‘जब प्यार किसी से होता है’ (Jab Pyar Kisi Se Hota Hai) (1961), ‘तीसरी मंज़िल’ (Teesri Manzil) (1966), ‘बहारों के सपने’ (Baharon Ke Sapne) (1967), ‘चिराग’ (Chirag) (1969) और ‘मैं तुलसी तेरे आंगन की’ (Main Tulsi Tere Aangan Ki) (1978) जैसी कई अन्य फ़िल्मों में अपने अभिनय का जादू चलाया.

जानकारी के लिए बता दें, कि आशा पारेख अपने समय की, सबसे अधिक भुगतान पाने वाली अभिनेत्री हैं. उन्होंने गुजराती, पंजाबी और कन्नड़ फिल्मों में ही नहीं, बल्कि अन्य सभी भाषाओं की फिल्मों में काम किया है. उन्हें साल 1992 में, भारत सरकार की ओर से पद्म श्री (Padma Shri) से सम्मानित भी किया गया था. इतना ही नहीं, आशा पारेख भारत के केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (Central Board of Film Certification) की पहली महिला अध्यक्ष भी रह चुकी थीं.

पर्दे पर अपने दमदार और प्रभावशाली अभिनय दिखाने वाली आशा पारेख, इस समय बॉलीवुड में एक निर्देशक और निर्माता दोनों के रूप में काम कर रही हैं. वहीं अभिनेत्री को आखिरी बार साल 1999 में रिलीज़ हुई फिल्म 'सर आंखों पर' (Sar Aankhon Par) में देखा गया था. इस फ़िल्म में शाहरुख़ खान (Shahrukh Khan) मुख्य भूमिका में थे.

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