Lata Mangeshkar Demise: इन उपलब्धियों से भरा था ‘लता दीदी’ का जीवन

Lata Mangeshkar Demise: इन उपलब्धियों से भरा था ‘लता दीदी’ का जीवन

सुर कोकिला Lata Mangeshkar भारत की सबसे लोकप्रिय और आदरणीय गायिका थीं, जिनका छ: दशकों का कार्यकाल उपलब्धियों से भरा हुआ है. Lata Mangeshkar की आवाज़ ने छह दशकों से भी ज़्यादा संगीत की दुनिया में चार चांद लगाए हैं. अपनी आवाज़ से पहचान बनाने वाली Lata Mangeshkar का रविवार की सुबह 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया. आपको बता दें, कि उनके निधन पर भारत सरकार द्वारा 2 दिन के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया गया.

Lata Mangeshkar का जन्म 28 सितंबर 1929 को इंदौर के मशहूर संगीतकार दीनानाथ मंगेशकर के घर हुआ था. उनके पिता का निधन वर्ष 1942 में हुआ था, इस समय उनकी उम्र महज 13 साल थी और परिवार की सारी जिम्मेदारी उन पर आ गई थी. Lata Mangeshkar परिवार में सबसे बड़ी बेटी थीं. Lata Mangeshkar पांच भाई- बहन हैं और उनमें से ‘दीदी’ सबसे बड़ी थीं. उनकी बहनों का नाम आशा, मीना, ऊषा है और उनके भाई का नाम हृदयनाथ मंगेशकर है.

उपलब्धियों से भरा रहा “लता दीदी” का जीवन

1. वर्ष 1969 में पद्म भूषण से सम्मानित.

2. 1989 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार प्राप्त करने वाली फिल्म इंडस्ट्री की पहली महिला.

3. वर्ष 1974 में लंदन के सुप्रसिद्ध रॉयल अल्बर्ट हॉल में गाने वाली पहली भारतीय गायिका.

4. वर्ष 1974 में दुनिया में सबसे अधिक गीत गाने का 'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड.

5. वर्ष 1999 में पद्म विभूषण से सम्मानित.

6. साल 2001 में देश के सर्वोच्च सम्मान, भारत रत्न से सम्मानित.

7. साल 2001 में महाराष्ट्र रत्न से सम्मानित.

8. वर्ष 1984 में मध्य प्रदेश सरकार ने उनके नाम पर संगीत का पुरस्कार रखा.

9. “लता दीदी” ने 36 भाषाओं में 30,000 से अधिक गाने गाए.

उपलब्धियों का यह सफर स्वर्गीय Lata Mangeshkar के लिए शुरू से इतना आसान नहीं था. खबरों के अनुसार, वह केवल एक दिन के लिए ही स्कूल गईं थीं. हालांकि, एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें अपनी पहचान के दम पर न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय समेत 6 विश्वविद्यालयों से डॉक्टरेट की मानद उपाधि हासिल हुई.

देश की स्वर कोकिला कही जाने वालीं Lata Mangeshkar को शुरूआती दिनों में रिजेक्ट भी होना पड़ा था. कई बार उनकी आवाज को पतला बताकर नापसंद किया गया था. हालांकि, उन्होंने हिम्मत न हारते हुए अपनी मेहनत के दम पर कई मुकाम हासिल किए और विश्व भर में अपनी आवाज़ से पहचान बनाई.

गौरतलब है, कि सुर कोकिला Lata Mangeshkar को निमोनिया की शिकायत के कारण मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. 8 जनवरी को जांच के दौरान पता चला, कि Lata Mangeshkar कोरोना संक्रमित भी हैं. इसके बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था लेकिन पिछले ही दिनों उनकी हालत में सुधार भी दिख रहा था. लेकिन, दो दिन पहले ही उनकी तबीयत फिर से बिगड़ गई और रविवार की सुबह उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली.

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