दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम के कोरोना से हुई मौतों के आंकड़ों में हजार से अधिक का अंतर

NEW DELHI, INDIA - 2021/04/26: Relatives stand next to the burning funeral pyres of those who died due to the coronavirus disease (COVID-19), at Ghazipur cremation ground in New Delhi.In India the highest single-day spike in coronavirus infection. The report recorded 352,991 new Covid-19 cases and 2,812 deaths in the last 24 hours amid an oxygen crisis. (Photo by Naveen Sharma/SOPA Images/LightRocket via Getty Images)
NEW DELHI, INDIA - 2021/04/26: Relatives stand next to the burning funeral pyres of those who died due to the coronavirus disease (COVID-19), at Ghazipur cremation ground in New Delhi.In India the highest single-day spike in coronavirus infection. The report recorded 352,991 new Covid-19 cases and 2,812 deaths in the last 24 hours amid an oxygen crisis. (Photo by Naveen Sharma/SOPA Images/LightRocket via Getty Images)

श्मशान ग्रहों के बाहर लोगों की लंबी लाइन, लोगों को करना पड़ रहा 2 से 4 घंटे तक इंतजार

भारत में कोरोना संक्रमण की स्थिति बेहद भयावह होती जा रही है। जहां एक ओर संक्रमितों की संख्या डराने वाली है, वहीं दूसरी ओर अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन, अन्य दवा और उपकरणों की किल्लत खतरनाक रूप धारण कर चुकी है। मरने वालों की संख्या में रोजाना इजाफा देखने को मिल रहा है। श्मशान गृहों और कब्रिस्तानों में अंतिम संस्कार  के लिए लोगों की लंबी लाइन देखी गई है। ऐसे में दिल्ली सरकार द्वारा दिए गए कोरोना संक्रमित लोगों की मृत्यु के आंकड़ों और मरने वालों की वास्तविक संख्या में हजार से अधिक का अंतर पाया गया है।

दिल्ली नगर निगम द्वारा संचालित 26 श्मशान ग्रहों के आंकड़ों के अनुसार 18 से 24 अप्रैल तक 3096 कोविड संक्रमितों की मृत्यु हुई है। वहीं दिल्ली सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार 18 अप्रैल से 24 अप्रैल के बीच 1938 मौतें हुई हैं। यह अंतर दर्शाता है कि 1158 संक्रमितों की मौतें, इन आंकड़ों में शामिल ही नहीं हुई हैं। 

आंकड़ों में आए इस अंतर का अभी तक कोई आधिकारिक कारण पता नहीं चल सका है। मगर गाजीपुर श्मशान गृह के एक कार्यकर्ता के अनुसार 'सिर्फ अस्पताल या एंबुलेंस से आने वाली लाशों की ही मृत्यु का कारण कोविड 19 दर्शाया जाता है, वहीं घर से आए संक्रमित मृत व्यक्ति की मौत का कारण 'सामान्य' लिखा जाता है, अगर कोई परिजन ये बता देता है, कि मृत व्यक्ति कोरोना संक्रमित था, तो उसकी मौत के कारण में भी साफ साफ कोरोना नहीं दर्शाया जाता है।'

गाजीपुर, निगमबोध और सराय काले खां स्थित श्मशान गृहों में अंतिम संस्कार के लिए लंबी लाइनें लगी रहती हैं। मृत व्यक्ति के परिजनों को 2 से 4 घंटे तक प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। वहीं श्मशान ग्रहों के कर्मचारियों का कहना है, कि हमें दिन में सिर्फ 20 अंतिम संस्कार करने की अनुमति प्राप्त है मगर आज कल हमारे पास 60-70 मृत शरीर, अंतिम संस्कार के लिए आ रहे हैं।' 

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