Monkeypox Updates: कोरोना के बाद फिर बढ़ी भारत की चिंता, राजस्थान सरकार अलर्ट

Monkeypox Updates: कोरोना के बाद फिर बढ़ी भारत की चिंता, राजस्थान सरकार अलर्ट

दुनिया में एक और नई बीमारी ने दस्तक दी है, जिसका संक्रमण तेजी से फैल रहा है. आपको बता दें, कि कोरोना महामारी के बीच दुनियाभर में आई इस नई बीमारी का नाम, 'मंकीपॉक्स' (Monkeypox) बताया जा रहा. एक रिपोर्ट के मुताबिक, अभी तक दुनियाभर में 'मंकीपॉक्स' के 100 से ज्यादा मरीज पाए गए. यह सारे मामले ब्रिटेन, यूरोपीय देश, उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया समेत 12 देशों से सामने आए. मगर राहत की बात यह है, कि भारत में इसका एक भी मामला सामने मिला. हालांकि, भारत के कई राज्य इस वायरस के अलर्ट पर देखें जा रहे हैं.

राजस्थान सरकार हुई अलर्ट

राजस्थान सरकार ने प्रदेश में मंकीपॉक्स के मामलों लेकर एक एडवाइज़री भी जारी की. इसके मुताबिक, इस वायरस के मामलों को देखते हुए यात्रियों की स्क्रीनिंग करने को कहा गया. साथ ही, अगर कोई यात्री संदिग्ध पाया गया, तो उसके सैंपल को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) पुणे भेजने के निर्देश हैं.

गौरतलब है, कि प्रशासन को निर्देश दिए जा रहे, कि पिछले दिनों में बाहर के देशों से आने वाले यात्रियों की पहचान करके, उनके खून और बलगम के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जाएं. अगर संदिग्ध मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, तो उसके संपर्क में आए लोगों की भी पहचान करके जांच की जाए.

बीएमसी ने जारी किए दिशा-निर्देश

राजस्थान के अलावा, बीएमसी (BMC) ने भी आदेश जारी करते हुए कहा, कि जो लोग अफ्रीकी देशों और अन्य ऐसे चिह्नित देशों से यात्रा कर चुके हैं, जहां मंकीपॉक्स के लक्षण मिले हो उन्हें जांच कराने की ज़रुरत होगी. इस आदेश में मुंबई हवाईअड्डे से भी यात्रियों की जांच करने को कहा गया है. इससे पहले केंद्र सरकार ने मंकीपॉक्स को लेकर, 'नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल' (NCDC) और 'इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च' (ICMR) को अलर्ट रहने के लिए कहा था.

कैसे फैलती है मंकीपॉक्स की बीमारी?

स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों का कहना है, कि ये वायरस इंसानों और जानवरों में ट्रांसफर हो सकता है. विशेषज्ञों की मानें, तो मरीज के घाव से निकल कर मंकीपॉक्स का वायरस दूसरे इंसान के आंख, नाक और मुंह के ज़रिए प्रवेश कर सकता है. इसके अलावा, जानवरों के काटने या उनके खून, पसीने आदि को छूने से भी इसके फैलने का खतरा है.

वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अधिकारी, डेविड हेमैन (David Heymann) ने कहा, जब कोई मरीज खांसता हैं या फिर किसी ने मरीज के साथ नज़दीकी संबंध बनाए, तो यह बीमारी जल्दी फैलेगी. उन्होंने आगे बताया, कि जब कोई मर्द किसी के साथ संभोग करता है, तब भी यह बीमारी अधिक फैलती है. हालांकि इस बात में कितनी सच्चाई है, यह अब तक पता नहीं चला.

मंकीपॉक्स के लक्षण

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, मंकीपॉक्स से ग्रसित मरीजों में शुरुआती लक्षण फ्लू जैसे होते हैं. इनमें बुखार, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, कमर दर्द, कंपकंपी छूटना, थकान शामिल हैं. इसके बाद, चेहरे पर दाने उभरने लगते हैं, जो शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैलेंगे. ये लक्षण संक्रमण के 5वें दिन से 21वें दिन तक आ सकते हैं.

मंकीपॉक्स का बचाव और इलाज

वैसे तो आमतौर पर मंकीपॉक्स के लक्षण से पीड़ित मरीज, उपचार के बिना ठीक हो जाते हैं. मगर सावधानी बरतते हुए, मरीज को जल्द डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. बचाव के लिए जरूरी है, कि जो इस बीमारी पीड़ित है, उस व्यक्ति की संक्रमित त्वचा को छूने से बचे.

आपको बता दें, कि चेचक के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एंटीबायोटिक को मंकीपॉक्स थेरेपी के लिए लाइसेंस दे दिया गया है. चूंकि दोनों ही बीमारियां एक ही परिवार से हैं, लिहाज़ा शुरुआती सुरक्षा के लिए चेचक के टीके दिए जा सकते हैं.

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