Covid-19 Updates 26 August: संक्रमण के नए मामलों में फिर हुई भारी बढ़ोत्तरी, 24 घंटे में आए 46 हजार से ज्यादा मामले

Covid-19 Updates 26 August: संक्रमण के नए मामलों में फिर हुई भारी बढ़ोत्तरी, 24 घंटे में आए 46 हजार से ज्यादा मामले

भारत में Covid-19 के नए मामलों के हर दिन मिले-जुले आंकड़े देखने को मिल रहे हैं. लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय के जारी किए ताज़ा आंकड़ों में नए मामलों में भारी बढ़ोतरी दर्ज हुई है. देश में महामारी की तीसरी लहर की संभावित दस्तक से पहले, ये एक काफी चिंताजनक खबर बन कर सामने आई है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटे में Covid-19 के 46,164 नए मामले दर्ज हुए. अब कुल सक्रिय मामलों का आंकड़ा 3,25,58,530 पर पहुंच गया है. वहीं 607 लोगों ने इस बीमारी से अपनी जान भी गंवा दी है.  अब देश में कुल मौतों की संख्या 4,36,365 हो गई है. इस घातक बीमारी को पिछले 24 घंटे में 34,159 लोगों ने मात दी. इसी के साथ देश में अब तक 3,17,88,440 लोग इस मारण बीमारी से अपनी जंग जीत कर वापस आ चुके हैं. वहीं, देश में अब तक 60 करोड़ से ज्यादा लोगों का टीकाकरण हो चुका है. जिसमें से 80,40,407 लोगों ने पिछले 24 घंटे में टीके लगवाए.

गौरतलब है कि, Covid-19 महामारी की केरल और महाराष्ट्र की स्थिति भी काफी चिंताजनक बनी हुई है. देश में आए नए मामलों में एक बड़ा योगदान केरल राज्य के मामलों ने किया है. बीते 21 अगस्त को केरल में ओणम का उत्सव मनाया गया. जिसे लेकर विशेषज्ञों ने पहले ही यह अनुमान लगाया था कि, इसके बाद नए मामलों में 20 फीसदी तक का इज़ाफ़ा दर्ज हो सकता है. अब हर रोज़ राज्य में 30 हज़ार से ज्यादा मामले सामने आने  लगे हैं. ताज़ा आंकड़ों में 46,164 के कुल मामलों में से 31,445 मामले सिर्फ केरल में पाए गए. वहीं 604 मौतों में 215 मौतें भी इसी राज्य में हुईं. दूसरी तरफ महाराष्ट्र में भी पांच दिन में पांच हज़ार से ज्यादा नए संक्रमण के मामले दर्ज हुए.

WHO की मुख्य वैज्ञानिक Soumya Swaminathan ने बुधवार को मीडिया से बात करते हुए यह अनुमान लगाया था कि, शायद देश में Covid-19 अब स्थानिकता के चरण में प्रवेश कर रहा है. वहीं निम्न या मध्यम स्तर का संक्रमण अब भी जारी है. हालांकि उस प्रकार के हालात नहीं दिख रहे, जैसा कुछ महीने पहले देखे गए. उन्होंने बताया, "जहां तक भारत की बात है, यहां के आकार, आबादी और प्रतिरक्षा दर को देखते हुए ये कहा जा सकता है कि, यहां मामलों में उतार चढ़ाव होते रहेंगे."

आपकी जानकारी के लिए बता दें, स्थानिकता और महामारी दो अलग चीजें हैं. स्थानिकता वह पड़ाव है, जिसमें कोई बीमारी लगातार मौजूद रहती है लेकिन एक सीमित क्षेत्र में इसका प्रभाव देखा जाता है. महामारी के विपरीत इसमें देश की आबादी वायरस के साथ रहना सीखती है. हालांकि महामारी की तरह इस चरण में वायरस आबादी पर हावी नहीं होता है.

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