105 वर्षीय पुरुष और 95 वर्ष महिला ने जीती कोरोना से जंग

An elderly woman arrives in a wheelchair to receive a dose of the Covishield, AstraZeneca-Oxford's Covid-19 coronavirus vaccine, at a vaccination centre in Mumbai on April 27, 2021. (Photo by Punit PARANJPE / AFP) (Photo by PUNIT PARANJPE/AFP via Getty Images)
An elderly woman arrives in a wheelchair to receive a dose of the Covishield, AstraZeneca-Oxford's Covid-19 coronavirus vaccine, at a vaccination centre in Mumbai on April 27, 2021. (Photo by Punit PARANJPE / AFP) (Photo by PUNIT PARANJPE/AFP via Getty Images)

महाराष्ट्र के कटगांव, टांडा गांव के बुजुर्ग दंपति ने पेश की मिसाल, लातूर के विलासराव देशमुख अस्पताल में हुआ इलाज

देश में कोरोना संक्रमण, विकराल रूप धारण कर चुका है। कोरोना संक्रमण के कारण हो रही मौतें, रोज नए आंकड़े छू रही हैं। देश में मंगलवार को पिछले 24 घंटे में अब तक सर्वाधिक मौतें दर्ज की गई हैं। यह आंकड़ा 3000 के करीब पहुंच चुका है। नए संक्रमितों की बात करें तो रोज 3,00,000 से अधिक मामले पाए जा रहे हैं। संक्रमण की इस चिंताजनक स्थिति ने लोगों में डर पैदा कर दिया है। यह डर अधिकांश रूप से बुजुर्ग लोगों में घर कर गया है। वहीं महाराष्ट्र के लातूर जिले से एक उम्मीद भरी खबर आई है, यहां 105 वर्षीय पुरुष और 95 वर्षीय महिला ने कोरोना से जंग जीत कर एक नई आशा को जन्म दिया है।

महाराष्ट्र के कटगांव, टांडा गांव के रहने वाले सुरेश चावन के 105 वर्षीय पिता और 95 वर्षीय माता, कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी, दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि सुरेश के जानने वाले लोगों ने उन्हें अस्पताल जाने को लेकर आगाह किया था, मगर वह अपने माता पिता को अस्पताल लेकर गए और उन्हें वहां दाखिल कराया। उनके माता पिता नौ दिन तक विलासराव देशमुख अस्पताल के आईसीयू वार्ड में रहे। अब दोनों ही स्वस्थ होकर घर लौट आए हैं।

 सुरेश चावन ने बताया कि वह एक संयुक्त परिवार में रहते हैं। मेरे माता पिता के अलावा तीन बच्चे भी संक्रमण की चपेट में आ गए थे। माता पिता का तापमान काफी बढ़ रहा था। पिता को पेट दर्द की भी समस्या बनी हुई थी। इसलिए मैंने दोनों को अस्पताल ले जाने का फैसला किया क्योंकि दोनों को घर पर रखना ठीक नहीं था। हालांकि मैं और मेरे मां बाप दोनों डरे हुए थे।इलाज के दौरान मैं रोजाना अस्पताल जाता था और उन्हें दूर खिड़की से ही देखता था।  अब दोनों कोरोना को मात देकर घर लौट आए हैं। 

बुजुर्ग दंपति का इलाज करने वाले चिकित्सक ने बताया कि अधिक उम्र के कारण दोनों की स्थिति बेहद चिंताजनक थी। 15/25 के CT स्कोर ने हमारी चिंताएं और बढ़ा दी थीं। इन्हें ऑक्सीजन पर भी रखा गया था। अब दोनों स्वस्थ होकर आराम कर रहे हैं। 

डॉक्टर ने ये भी कहा कि अगर लक्षणों का जल्दी पता लग जाए और समय रहते इलाज उपलब्ध कराया जाए तो कोरोना को हराना मुमकिन है। 

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